भारत का संविधान

"हम भारतवासी,गंभीरतापूर्वक यह निश्चय करके कि भारत को सार्वभौमिक,लोकतांत्रिक गणतंत्र बनाना है तथा अपने नागरिकों के लिए------- न्याय--सामाजिक,आर्थिक,तथा राजनैतिक ; स्वतन्त्रता--विचार,अभिव्यक्ति,विश्वास,आस्था,पूजा पद्दति अपनाने की; समानता--स्थिति व अवसर की व इसको सबमें बढ़ाने की; बंधुत्व--व्यक्ति की गरिमा एवं देश की एकता का आश्वासन देने वाला ; सुरक्षित करने के उद्देश्य से आज २६ नवम्बर १९४९ को संविधान-सभा में,इस संविधान को अंगीकृत ,पारित तथा स्वयम को प्रदत्त करते हैं ।"

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रात,खो गया मेरा दिल....!!

बुधवार, 28 जनवरी 2009


कल रात ही मेरा दिल चोरी चला गया,
और मुझे कुछ पता भी ना चला,
वो तो सुबह को जब नहाने लगा,
तब लगा,सीने में कुछ कमी-सी है,
टटोला,तो पाया,हाय दिल ही नहीं !!
धक्क से रह गया सीना दिल के बगैर,
रात रजाई ओड़ कर सोया था,
मगर रजाई की किसी भी सिलवट में,
मेरा खोया दिल ना मिला,
टेबल के ऊपर,कुर्सी के नीचे,
गद्दे के भीतर,पलंग के अन्दर,
किसी खाली मर्तबान में,
या बाहर बियाबान में,
गुलदस्ते के भीतर,
या किताब की किसी तह में,

और आईने में नहीं मिला
मुझे मेरा दिल !!
दिल के बगैर मैं क्या करता,
घर से बाहर कैसे निकलता,

मैं वहीं बैठकर रोने लगा,
मुझे रोता हुआ देखकर,
अचानक बेखटके की आवाज़-सी हुई,
और जब आँखे खोली,
तो किसी को अपने आंसू पोंछते हुए पाया
देखा तो,
सामने अपने ही दिल को
मंद-मंद मुस्कुराते पाया,
दिल से लिपट गया मैं और पूछा उसे,
रात भर कहाँ थे,
बोला,रात को पढ़ी थी ना आपने,
गुलज़ार साहब की भीगी हुई-सी नज़्म,
मैं उसी में उतर गया था,
और रात भर उनकी नज्मों से

बहुत सारा रस पीकर

मैं आपके पास वापस आ गया हूँ.....!!
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9 टिप्‍पणियां:

दिलीप कवठेकर ने कहा…

वह भीगी भीगी सी नज़्म बता सकेंगे?

मेरा दिल मांगे मोर..

seema gupta ने कहा…

" ओह चलो शुक्र हुआ की वापस आ गया अपने आप....खुदा खैर करे.."
regards

bhoothnath(नहीं भाई राजीव थेपडा) ने कहा…

ha.....ha....ha...ha..ha..main aa gaya.....!!

अल्पना वर्मा ने कहा…

बहुत बढ़िया!

अनिल कान्त : ने कहा…

भाई आपका दिल खो जाने से हम तो डर ही गए थे शुक्र है की अंततः वापस मिल गया .....गुलजार जी की तो बात ही निराली है


अनिल कान्त
मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति

KK Yadav ने कहा…

Bahut khoob Janab...!!
गाँधी जी की पुण्य-तिथि पर मेरी कविता "हे राम" का "शब्द सृजन की ओर" पर अवलोकन करें !आपके दो शब्द मुझे शक्ति देंगे !!!

Rashmi Kiran ने कहा…

बहुत खूब सर...

SAHITYIKA ने कहा…

bahut hi nayi soch.. khair aapka dil aapko vapis mil gaya.. achcha hua.. :)

purnima ने कहा…

मैं वहीं बैठकर रोने लगा,
मुझे रोता हुआ देखकर,
अचानक बेखटके की आवाज़-सी हुई,
और जब आँखे खोली,
तो किसी को अपने आंसू पोंछते हुए पाया
देखा तो,
सामने अपने ही दिल को
मंद-मंद मुस्कुराते पाया,

सुंदर अति सुंदर

 
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