भारत का संविधान

"हम भारतवासी,गंभीरतापूर्वक यह निश्चय करके कि भारत को सार्वभौमिक,लोकतांत्रिक गणतंत्र बनाना है तथा अपने नागरिकों के लिए------- न्याय--सामाजिक,आर्थिक,तथा राजनैतिक ; स्वतन्त्रता--विचार,अभिव्यक्ति,विश्वास,आस्था,पूजा पद्दति अपनाने की; समानता--स्थिति व अवसर की व इसको सबमें बढ़ाने की; बंधुत्व--व्यक्ति की गरिमा एवं देश की एकता का आश्वासन देने वाला ; सुरक्षित करने के उद्देश्य से आज २६ नवम्बर १९४९ को संविधान-सभा में,इस संविधान को अंगीकृत ,पारित तथा स्वयम को प्रदत्त करते हैं ।"

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ना जाने यहाँ क्या क्या तो हम देखते हैं...!!

रविवार, 8 फ़रवरी 2009

इस धरती पर आकर जनम-जनम देखते हैं
हम तो यहाँ दुश्मनों में भी सनम देखते हैं !!
कहीं मौत और कहीं जीवन के सुरीले गीत
ना जाने यहाँ क्या-क्या तो हाय हम देखते हैं !!
किसी से भी मिला लेते हैं हम अपनी नज़र
कोई देख रहा है किधर,ये भी हम देखते हैं !!
पहले सोचते हैं कि दुनिया बड़ी ही अच्छी है
फिर दुनिया की बाबत अपने भरम देखते हैं !!
इस कायनात में ना जाने क्या-क्या बसा है
इस बसेरे में किसी का रहमो-करम देखते हैं !!
रब के घर जाकर हम क्या करेंगे "गाफिल"
"रब" के घर में तो हम अक्सर "आदम" देखते हैं !!
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11 टिप्‍पणियां:

"अर्श" ने कहा…

बहोत ही खुबसूरत रचना लिखा है आपने बढ़िया भाव भरे है ढेरो बधाई आपको साहब..

अर्श

शशिकान्त ओझा ने कहा…

बहुत बेहतर ग़ज़ल कही आपने।

विनय ने कहा…

बहुत मन से दिल की बात करते हैं! बधाई!

राज भाटिय़ा ने कहा…

बहुत सुंदर गजल कही आप ने धन्यवाद

Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" ने कहा…

रब के घर जाकर हम क्या करेंगे "गाफिल"
"रब" के घर में तो हम अक्सर "आदम" देखते हैं !!
वाह्! बहुत खूब.........

दिगम्बर नासवा ने कहा…

हम तो यहाँ दुश्मनों में भी सनम देखते हैं...

राजीव जी
अच्छी ग़ज़ल, अलग अंदाज़ ...तेवर अच्छे लगे

सुशील कुमार छौक्कर ने कहा…

बेहतरीन।

प्रकाश बादल ने कहा…

वाह भाई (नहीं राजीव भाई),

ख़ूबसूरत
गज़ल के लिए आपको बधाई

बड़े दिनो बाद आपका कोई पता ही नहीं मिला। मैं तो बीमार हो गया था इसलिए ग़ायब होगया था। मगर आपकी ग़ज़ल बहुत प्रभावित कर गई।

SWAPN ने कहा…

sunder rachna. badhai

Atul Sharma ने कहा…

राजीव जी
बहुत सुंदर रचना। इस बार नि:संदेह आप ढेरों बधाई के पात्र हैं।

अल्पना वर्मा ने कहा…

bahut sundar kavita hai....

[aap ke blog ki feed open nahin hain shayad--blog list mein add karne se add nahin hota.
is liye pata hi nahin chalta kab aap ki post aayi.]

 
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